ज्योतिषशास्त्र : मन्त्र आरती चालीसा

श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली, देवी के 108 नाम

आचार्य संदीप पुलस्त्य

4 साल पूर्व

DEVI-108-MAA-DURGA-BHAVANI-names-jyotishshastra-astrology-hd-png-image


 

श्री अष्टोत्तर शतनामावली स्तोत्र श्री दुर्गा सप्त-शति के मंगलाचरण मंत्रों में से एक है। इसमें भगवान शिव बताते हैं की दुर्गा या सती को 108 नामों से सम्बोधित कर प्रसन्न किया जा सकता है। जो प्रतिदिन सच्ची श्रद्धा भाव व पवित्रता के साथ दुर्गा अवतार के इन 108 नामों को पढ़ते हैं, उन्हें त्रिलोक में कुछ भी प्राप्त करना असंभव नहीं रहता | ऐसे व्यक्तियों को सुख, धन, विलिसाता, वंशज व वंशावली, हाथी, धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष जैसे लाभ प्राप्त होते हैं, एवं अंत में मोक्ष को प्राप्त करते हैं। इन नामों का उच्चारण ॐ ( _ _ _ ) नमः के साथ करना तीव्र फलदाई माना गया है |

 

 

देवी के 108 नाम निम्नवत हैं :

ॐ सती नमः,  ॐ साध्वी नमः,  ॐ भवप्रीता नमः,  ॐ भवानी नमः,  ॐ भवमोचनी नमः,  ॐ आर्या नमः,  ॐ दुर्गा नमः,  

ॐ जाया नमः,  ॐ आधा नमः, ॐ त्रिनेत्रा नमः,  ॐ शूलधारिणी नमः,  ॐ पिनाक धारिणी नमः,  ॐ चित्रा नमः,  ॐ चंद्रघंटा नमः,

ॐ महातपा नमः,  ॐ मनः नमः,  ॐ बुद्धि नमः,   ॐ अहंकारा नमः,   ॐ चित्तरूपा नमः,  ॐ चिता नमः,  ॐ चिति नमः,  

ॐ सर्वमन्त्रमयी नमः,   ॐ सत्ता नमः,  ॐ सत्यानंद स्वरूपिणी  नमः,  ॐ अनंता नमः,  ॐ भाविनी नमः,  ॐ भाव्या नमः,  

ॐ भव्या नमः,  ॐ अभव्या नमः,  ॐ सदगति नमः,  ॐ शाम्भवी नमः,  ॐ देवमाता नमः,  ॐ चिंता नमः,  ॐ रत्नप्रिया नमः,  

ॐ सर्वविद्या नमः,  ॐ दक्षकन्या नमः,  ॐ दक्षयज्ञविनाशिनी नमः,  ॐ अपर्णा नमः,  ॐ अनेकवर्णा नमः,  ॐ पाटला नमः,  

ॐ पाटलावती नमः,  ॐ पट्टाम्बरपरिधाना नमः,  ॐ कलमंजीर रंजिनी नमः,  ॐ अमेय विक्रमा नमः,  ॐ क्रूरा नमः,  ॐ सुंदरी नमः,  

ॐ सुरसुन्दरी नमः,  ॐ वनदुर्गा नमः,  ॐ मातंगी नमः,  ॐ मतंगमुनिपूजिता नमः,  ॐ ब्राह्मी नमः,  ॐ माहेश्वरी नमः,  ॐ ऐन्द्री नमः, data-matched-content-rows-num="2" data-matched-content-columns-num="2" data-matched-content-ui-type="image_stacked"

ॐ कौमारी नमः,  ॐ वैष्णवी नमः,  ॐ चामुण्डा नमः,  ॐ वाराही नमः,  ॐ लक्ष्मी नमः,  ॐ पुरुषाकृति नमः,  ॐ विमला नमः,

ॐ उत्कर्षिणी नमः,  ॐ ज्ञाना नमः,  ॐ क्रिया नमः,   ॐ नित्या नमः,  ॐ बुद्धिदा नमः,  ॐ बहुला नमः,  ॐ बहुलप्रेमा नमः,

ॐ सर्ववाहनवाहना नमः,  ॐ निशुम्भशुम्भहननी  नमः,  ॐ महिषासुरमर्दिनि नमः,  ॐ मधुकैटभहन्त्री नमः,  

ॐ चण्डमुण्डविनाशिनि नमः,  ॐ सर्वअसुरविनाशिनी नमः,  ॐ सर्वदानवघातिनी नमः,  ॐ सत्या नमः,  ॐ सर्वास्त्रधारिणी नमः,  

ॐ अनेकशस्त्रहस्ता नमः,  ॐ अनेकास्त्रधारिणी नमः,  ॐ कुमारी नमः,  ॐ एक कन्या नमः,  ॐ कैशोरी नमः,  ॐ युवती नमः,  

ॐ यति नमः,  ॐ अप्रौढ़ा नमः,  ॐ प्रोढ़ा नमः,  ॐ वृद्धमाता नमः,  ॐ बलप्रदा नमः,  ॐ महोदरी नमः,  ॐ मुक्तकेशी नमः,

ॐ घोररूपा नमः,   ॐ महाबला नमः,  ॐ अग्निज्वाला नमः,  ॐ रौद्रमुखी नमः,  ॐ कालरात्रि नमः,  ॐ तपस्विनी नमः,  ॐ नारायणी नमः,

ॐ भद्रकाली नमः,  ॐ विष्णुमाया नमः,  ॐ जलोदरी नमः,   ॐ शिवदूती नमः,  ॐ कराली नमः,   ॐ अनंता नमः,  ॐ परमेश्वरी नमः,

ॐ कात्यायनी नमः, ॐ सावित्री नमः,   ॐ प्रत्यक्षा नमः,  ॐ ब्रह्मावादिनी नमः,  ॐ सर्वशास्त्रमय नमः

 

नोट : अपने जीवन से सम्बंधित जटिल एवं अनसुलझी समस्याओं का सटीक समाधान अथवा परामर्श ज्योतिषशास्त्र के  हॉरोस्कोप फॉर्म के माध्यम से अपनी समस्या भेजकर अब आप घर बैठे ही ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं | अधिक जानकारी आप ज्योतिषशास्त्र के  FAQ's पेज से प्राप्त कर सकते हैं |

 

 

© The content in this article consists copyright, please don't try to copy & paste it.

सम्बंधित शास्त्र
हिट स्पॉट
राइजिंग स्पॉट
हॉट स्पॉट