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ज्योतिष :  एक ईश्वरीय प्रकाश, एक पथ प्रदर्शक, एक विज्ञान.........

शास्त्रों में कहा गया है कि  "ज्योतिषां सूर्यार्दि ग्रहाणां बोधक शास्त्रं"  अर्थात ज्योतिषशास्त्र हमें सूर्य आदि ग्रहों की स्थिति, गति तथा उनका मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का बोध कराता है |

विज्ञान का एक सिद्धांत है कि प्रत्येक पिण्ड, चाहे वह जीवित हो अथवा अजीवित, दूसरे पिण्डों पर अपना प्रभाव डालता है तथा स्वयं भी दूसरे पिण्डों द्वारा प्रभावित होता है | भारतीय दर्शन में कहा गया है कि “यत पिण्डे तत ब्रह्माण्डे“ अर्थात जो एक अणु में है, वही समस्त ब्रह्माण्ड में है अर्थात ब्रह्माण्ड में भी समस्त आकाशीय पिण्ड एक दूसरे पर अपना प्रभाव डालते हैं | अब, क्योंकि ब्रह्मांड में हर वस्तु गतिमान है, अतः किसी विशेष पिंड पर किसी क्षण जो प्रभाव है, वह स्थायी नहीं है | प्रत्येक क्षण में वह प्रभाव बदलता रहता है | इसलिये, प्रत्येक क्षण अपने आप में अद्वितीय है |

क्वांटम सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक क्षण में अव्यक्त रूप में उस क्षण के सभी संभव परिणाम शामिल होते हैं | इस प्रकार, प्रत्येक प्राणी में बीज रूप में बिल्कुल वैसे ही गुण, अच्छे, बुरे या उदासीन, समाहित रहते हैं जैसे उस समय और स्थान पर उस क्षण विशेष में विद्यमान होते हैं |

प्रसिद्ध विद्वान कार्ल जुंग के अनुसार, किसी क्षण में जो उत्पन्न होता है अथवा जो कार्य किया जाता है, उसमें उस क्षण की विषेशताएं होती हैं |

उपरोक्त से यह निष्कर्ष निकलता है कि जब कोई प्राणी अपनी माता के गर्भ से बाहर निकलता है तो उस पर उस क्षण जो आकाश में प्रभाव उपस्थित होते हैं, उनकी मोहर उस प्राणी पर लग जाती है | यह ठीक उसी प्रकार होता है जैसे किसी कैमरे में स्थित फोटोग्राफिक फिल्म पर क्षण भर के लिये पड़ा प्रकाश दर्ज हो जाता है |

अब, यदि हम जन्म के समय में प्रकृति में मौजूद अच्छे या बुरे गुणों का पता लगाने में सक्षम हैं, तो हम उस क्षण जन्मे व्यक्ति की विशेषताओं का भी पता लगाने में सक्षम होंगे | ये विशेषताएं बीज रूप  में रहती हैं तथा सही समय आने पर फलीभूत होती हैं | ज्योतिष शास्त्र विभिन्न परिस्थितियों के अंतर्गत प्रकृति में विद्यमान विभिंन चारित्रिक गुणों एवं विशेषताओं का अध्ययन करने तथा उनका विवेचन करने में सक्षम है.। विज्ञान की भाषा में "एस्ट्रोलॉजी इज़ एप्लाइड एस्ट्रोनॉमी" है |

ज्योतिष शब्द की संधि विच्छेद करने पर हम देखते है कि ज्योतिष शब्द ज्योति + ईश से मिल कर बना है | ज्योति का अर्थ है प्रकाश तथा ईश का अर्थ है ईश्वर | इस प्रकार, ज्योतिष शब्द का अर्थ हुआ ईश्वर द्वारा प्रदत्त प्रकाश |

यह प्रकाश ही है जो हमें वस्तु स्थिति का बोध कराता है | कल्पना कीजिये कि आप रात के समय कार द्वारा यात्रा कर रहे हैं | ऐसे में यदि आपने हैडलाइट ऑन कर रखी है तो मार्ग में आने वाले स्पीड ब्रेकर को देख कर आप अपनी कार की गति को कम कर सकते हैं अथवा यदि सड़क पर कोई गड्ढा आ जाये तो उस से बच कर निकल सकते हैं | इस प्रकार, प्रकाश द्वारा आप अपने मार्ग में आ रहे अवरोध से अवगत हो जाते हैं और सुरक्षात्मक कदम उठा सकते हैं | प्रकाश के अभाव में हम दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं |

इसको एक दूसरे उदाहरण द्वारा भी समझा जा सकता है | मान लीजिये, कोई व्यक्ति किसी ऐसे कक्ष में स्थित है जहाँ पूर्ण अंधकार है तथा वह व्यक्ति उस कक्ष के भूगोल से पूर्णतः अपरिचित है | ऐसी स्थिति में उस कक्ष से बाहर निकलने के क्रम में ऐसा संभव है कि संयोगवश वह बिना किसी वस्तु से टकराये बाहर निकलने वाले दरवाजे तक सहज में ही पहुँच जाये | परंतु अधिक संभावना इस बात की है कि वह द्वार तक पहुँचने के प्रयास में उस कक्ष में रखे फर्नीचर से अथवा दीवार आदि से टकराते हुए अपना समय व श्रम व्यय कर के तथा घायल होकर ही सफल हो पाये |

ऐसी स्थिति में यदि उस कक्ष में प्रकाश कर दिया जाये तो वह व्यक्ति उस कक्ष के भूगोल से पूरी तरह परिचित हो जायेगा | प्रकाश होने से कक्ष के भूगोल में तो कोई परिवर्तन नहीं होगा परंतु वह इस बात से पूर्णतः अवगत हो जायेगा कि उस कक्ष का द्वार किस ओर है तथा वहाँ तक पहुँचने के मार्ग में कौन कौन से अवरोध हैं | ऐसा होने पर वह अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिये अपना मार्ग निर्धारित कर सकता है |

इसी प्रकार, ज्योतिष, जो दैवीय प्रकाश है, आपको भविष्य के विषय में अवगत करा सकता है जिससे आप उपयुक्त समय पर सही दिशा में कदम उठा कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं |

प्रबंधन (मैनेजमैंट) की पढ़ाई में एक सूत्र आता है SWOT एनालिसिस | S अर्थात स्ट्रेंथ, W अर्थात वीकनैस, O अर्थात अपोर्चुनिटी और T अर्थात थ्रेट | इस प्रकार, स्वोट का अर्थ हुआ अपनी सामर्थ्, ताकत, अपनी कमजोरी, अपने समक्ष उपलब्ध अवसर तथा सामने आने वाली चुनौतियाँ, इन का आकलन करते हुए आप अपनी रणनीति बनाएं तो निश्चित रूप से आप सफलता प्राप्त करेंगे |

ज्योतिष द्वारा हम सहज ही व्यक्ति की रुचि, स्वभाव, सामर्थ्य आदि का आकलन कर सही दिशा का चयन कर सकते हैं जिससे व्यक्ति सहज ही जीवन में उन्नति, विकास, सफलता व समृद्धि प्राप्त कर सकता है तथा भटकने से बच सकता है | ज्योतिष गिरने और कूदने में अंतर उत्पन्न करता है | गिरना अनायास होता है जबकि कूदने के समय व्यक्ति मानसिक और शारारिक, दोनों प्रकार तैयार होता है | अतः उसको उतना नुकसान नहीं होता है जो गिरने के समय होता |

सभी जानते हैं कि बारिश को रोका नहीं जा सकता, परंतु यदि हमे बारिश होने का पहले से ज्ञान हो तो हम छाता या बरसाती अपने साथ ले कर चल सकते हैं तथा बारिश आने पर उससे भीगने से बच सकते हैं | यदि बारिश बहुत तीव्र हो तब भी सिर को अथवा अपने जरूरी कागजों अथवा मोबाइल आदि को तो बचा ही सकते हैं | इस प्रकार, पहले से ज्ञान होने पर किसी भी संकट के प्रभाव को हल्का किया जा सकता है | ज्योतिष के मार्गदर्शन से शूल की पीड़ा को सूई की पीड़ा में बदला जा सकता है |

 

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ज्योतिषशास्त्र में गहरा विश्वास एवं अटूट रिश्ता बनाये रखने के लिए आप सभी का हृदय से धन्यवाद |

गुरुदेव संदीप पुलस्त्य  
   ज्योतिष एवं वास्तु आचार्य  


Astrology : A Divine Light, A Path Exhibitor, A Science.........

It has been said in the scriptures that "ज्योतिषां सूर्यार्दि ग्रहाणां बोधक शास्त्रं" means, astrology inspires us about the condition, speed of Sun & other Planets and there impact on human life.

One principal of science is that every body, whether it is alive or non-alive, has its effect on other bodies and itself also influenced by other bodies. In Indian philosophy, it has been said that “यत पिण्डे तत ब्रह्माण्डे“ means that which is in a molecule, that is in all the universe, that is, all the celestial objects in the universe also have their influence on each other. Now, because every thing in the universe is moving, so any effect on a particular body on a particular moment, is not permanent. That effect changes in every moment. Therefore, every moment is unique in itself.

According to quantum theory, in every moment the momentous effect includes all possible results of that moment. Thus, in every organism, exactly the same qualities, good, bad or nostalgic, are contained, which exists on that time and place on that moment special.

According to the famous scholar Carl Jung, in any moment that is generated or done, the characteristics of that moment are in it.

From the above it concludes that when a creature emerges from the womb of his mother, the effects of that particular moment present in the sky, the stamp of that effects applied on that creature. This is done exactly same as when we clicked a photograph, the effects of flash light of that moment applied on that photographic film located in a camera.

Now, if we are able to detect good or bad qualities present in nature at the time of birth, then we will be able to detect the attributes of the person born in that moment. These characteristics remain in the seed form and are produced with the right time. Astrology is capable of studying and analyzing the different characteristics of the various aspects present in nature under different circumstances. "Astrology is Applied Astronomy" in the language of science.

When we break the treaty of JYOTISH (astrology), we see that astrology is made up of (JYOTI + ISH). Jyoti means Light and Ish means God. Thus, the word astrology means the light conferred by God.

This is the light which makes us realize the state of the object. Imagine you are traveling by car at night. In this case, if you have turned the headlight on, then you can reduce the speed of your car by looking at the speed breaker in the way, or if there is a pit on the road, you can escape from it. Thus, by light, you become aware of the obstacle coming in your way and can take protective steps. In the absence of light, we may be the victims of the accident.

This can be understood by another example. Suppose a person is located in a room full of darkness and that person is completely unfamiliar with the geography of that room. In such a situation, in order to get out of that room, it is rearly possible that he reached to the exit door without getting hit by any object or furniture of that room. But the more probblity it is that, in trying to reach the door, he could hit furniture, objects and wall etc.and succeeded after getting injured and by spending lot of his time and labor.

In such a situation, if the light in that room is made, then that person will become fully aware of the geography of that room. There will be no change in the geography of the chamber due to light, but he will become fully aware of the direction and also with obstacles in the way of reaching there. If this happens then he can set his way to reach his goal.

Similarly, astrology, which is divine light, can make you aware of the future, so that you can achieve success by taking steps to the right direction at the right time.

A formula comes in the study of Management, SWOT Analysis. S is Strength, W means Weakness, O means Opportunity and T means Threat. Thus SWOT means your strengths, your weaknesses, opportunities available to you and the up coming challenges, by evaluating all these, if you create your strategy, you will surely achieve success.

By astrology we can easily evaluate the person's interest, temperament, strength, etc. and choose the right direction, so that one can easily attain progress, development, success and prosperity in life and escape from wandering. Astrology produces differences in falling and jumping. Falling is spontaneously, while at the time of jumping, one make himself ready by mental and physical means. Therefore, he does not get that much damage or loss which he might get at the time of fall.

Everyone knows that the rain can not be stopped, but if we already have knowledge of the rains, then we can take the umbrella or raincoat with us and they can avoid damping us when it rains. Even if the rain is very intense, it can save the head or essential papers or mobile etc. Thus, the effect of any crisis can be mildly reduced if there is prior knowledge. Under the guidance of astrology, the pain of the colic can be changed in the pain of needle.

 

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Gurudev Sandeep Pulastya
  Astrologer & Vastu Acharya