ज्योतिषशास्त्र : वैदिक पाराशर

अधम योग की कुंडली में पहचान, प्रभाव एवं फलादेश

Sandeep Pulasttya

6 साल पूर्व

Adham-Yoga-Vedic-Kundli-in Hindi-astrology-jyotishshastra-hd

 

किसी जातक की जन्म कुण्डली विवेचन में उस कुण्डली में स्थित योग अपना अलग ही महत्व रखते है। योग से तात्पर्य ग्रहों के कुछ विशेष जोड़ है अर्थात् ग्रह जब विशेष परिस्थिति में कुछ खास योग बनाते हैं तो ऐसी स्थिति में शुभ अथवा अशुभ फल प्रदान करते हैं। यहां अधम योग के फलित का विवेचन किया जा रहा है-

 

अधम योग :- 
किसी जातक की कुंडली में यदि सूर्य के केन्द्र में चन्द्रमा हो तो अधम योग होता है।

 

प्रभाव फलादेश :-

इस योग में जन्म लेने वाले जातक को जीवन में सुख, यश, सम्पत्ति, सवारी, ज्ञान, निपुणता, बुद्धि, द्रव्य, विनय, उदारता एवं विधा कम ही प्राप्त होती है।

 

नोट : अपने जीवन से सम्बंधित जटिल एवं अनसुलझी समस्याओं का सटीक समाधान अथवा परामर्श ज्योतिषशास्त्र  हॉरोस्कोप फॉर्म के माध्यम से अपनी समस्या भेजकर अब आप घर बैठे ही ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं |

 

© The content in this article consists copyright, please don't try to copy & paste it.

सम्बंधित शास्त्र
हिट स्पॉट
राइजिंग स्पॉट
हॉट स्पॉट